
हरिद्वार।
प्रेमनगर आश्रम में चल रहे श्री 1008 भक्तामर महामण्डल बीजाक्षर विधान (विश्व शांति महायज्ञ) का आज चौथा दिन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम परम पूज्य आर्यिका 1005 पूर्णमयी माता जी के पावन सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
प्रातःकालीन कार्यक्रम में भक्तों द्वारा अभिषेक, पूजापाठ एवं विधि-विधान के साथ विधान के अर्थ चढ़ाए गए। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव से धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
विधान के पश्चात छः खण्डों के विजेता राजा भरत चक्रवर्ती की भव्य दिग्विजय यात्रा नगर में निकाली गई। यह शोभायात्रा अंकित जैन एवं हन्नी जैन के संयोजन में आयोजित हुई। यात्रा में अक्षत जैन राजा भरत चक्रवर्ती के स्वरूप में अपनी रानी के साथ सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर चल रहे थे, जिसे देखने के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। आनन्द जैन, रॉयल प्लाजा कॉम्प्लेक्स एसोसिएशन तथा मध्य हरिद्वार वैश्य समाज के पराग गुप्ता, अशोक जी, जे.सी. जैन, बालेश जैन, सतीश जैन, आदेश जैन और पियूष जैन सहित अन्य लोगों ने जलपान वितरण कर यात्रा का स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक संध्या में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। हास्य कवि सुनहरी लाल तुरन्त और सोनल जैन ने अपनी हास्य कविताओं से श्रोताओं को खूब हँसाया। वहीं वीर रस के कवि रामावतार नागर और कमलेश जैन बसंत ने अपनी ओजपूर्ण कविताओं से श्रोताओं में उत्साह और जोश भर दिया।
इस अवसर पर संदीप जैन, पियूष जैन, रवि जैन, अर्चना जैन, पूजा जैन, ऋतु जैन, निलेश जैन, प्रियंका जैन, मोना जैन, सचिन जैन, समर्थ जैन, नितेश जैन, मनोज जैन, रजत जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।



