
तुलसी मानस मंदिर में घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ, चंडी पाठ और सहस्रनामावली के मंत्रों से गूंजा मंदिर परिसर
हरिद्वार। मां भगवती की आराधना, वैदिक मंत्रों की गूंज और विश्वकल्याण की कामना के बीच उत्तरी हरिद्वार के सप्तसरोवर मार्ग स्थित श्री तुलसी मानस मंदिर में शारदीय नवरात्र महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रथम नवरात्र पर विधि-विधान से घट कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू हुआ। मां राजराजेश्वरी श्री ललिता महात्रिपुरसुंदरी की विशेष पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि, शांति और लोकमंगल की कामना की।

तुलसी मानस मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी कामेश्वर पुरी महाराज के सान्निध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के दौरान चंडी पाठ और सहस्रनामावली के मंत्रों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने मां भगवती के चरणों में शीश नवाकर परिवार की खुशहाली और देश-दुनिया में सुख-शांति की प्रार्थना की।
स्वामी कामेश्वर पुरी महाराज ने कहा कि शारदीय नवरात्र केवल पूजा-पाठ तक सीमित पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और अंतर्मन की शक्ति को जागृत करने का अवसर है। मां भगवती की उपासना मनुष्य को आंतरिक शक्ति प्रदान करने के साथ सकारात्मक सोच और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि मां आदिशक्ति की कृपा से जीवन में सुख-शांति, सद्बुद्धि और सदाचार का संचार होता है। नवरात्र में श्रद्धालुओं को श्रद्धा, संयम और सेवा भाव के साथ मां की आराधना करनी चाहिए। उन्होंने विश्वकल्याण और लोकमंगल के लिए मां भगवती से प्रार्थना करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संस्था के सम्मानित सदस्य आरपी सिंह (मुंबई), नितिन शाह (अमेरिका), चितरंजन जी, माया जी (अमेरिका), ज्ञान माता (कनाडा), प्रियनाथ तिवारी, बागेश्वर पांडेय और बटुक ब्राह्मण सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मां भगवती की पूजा-अर्चना कर महोत्सव में सहभागिता की।



