
माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, हरिद्वार के शदाणी दरबार में श्रद्धालुओं ने मिठाई बांटकर जताई खुशी
हरिद्वार। शदाणी दरबार की पंचम पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर भारत सरकार की ओर से उन्हें विशेष सम्मान दिया जाएगा। 22 अक्टूबर को रायपुर स्थित लोकभवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 200 रुपये के स्मारक सिक्के का विमोचन करेंगी। इस घोषणा से शदाणी दरबार और सिंधी समाज में खुशी की लहर है। हरिद्वार स्थित शदाणी दरबार मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने मिठाई बांटकर प्रसन्नता जताई और माता साहिब हासी देवी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शदाणी दरबार के सचिव उदय साई ने बताया कि माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती दरबार की गौरवशाली आध्यात्मिक परंपरा के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर है। इस मौके पर आयोजित समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है।
भारत सरकार के प्रति जताया आभार
शदाणी दरबार के वर्तमान नवम पीठाधीश्वर ने माता साहिब हासी देवी की स्मृति को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिए जाने पर भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान समस्त श्रद्धालु समाज के लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। स्मारक सिक्के के माध्यम से माता साहिब की स्मृति को चिरस्थायी बनाने का प्रयास आने वाली पीढ़ियों को अपनी गुरु-परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में प्रेरणादायी होगा।
सेवा और मानव कल्याण की परंपरा का सम्मान
माता साहिब हासी देवी शदाणी दरबार की गुरु-परंपरा में विशेष स्थान रखती हैं। उनकी 200वीं जयंती का अवसर आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और संत परंपरा के आदर्शों को याद करने का महत्वपूर्ण पड़ाव है। भारतीय संत परंपरा ने सदैव सेवा, समर्पण, सद्भाव, करुणा और मानव कल्याण का संदेश दिया है। ऐसे में स्मारक सिक्के का विमोचन केवल एक ऐतिहासिक अवसर नहीं, बल्कि संत-महापुरुषों की शिक्षाओं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक भी है।
हरिद्वार के शदाणी दरबार मंदिर में इस अवसर को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। मंदिर से जुड़े लोगों ने मिठाई वितरित कर खुशी साझा की। श्रद्धालुओं का कहना है कि माता साहिब हासी देवी की स्मृति को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना शदाणी दरबार और देश-विदेश में बसे सिंधी समाज के लिए गौरव का विषय है।


