उत्तराखंड

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने आज राम प्रसाद टम्टा कोसी बैराज का स्थलीय निरीक्षण कर बैराज क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया

अल्मोड़ा।जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने अधिकारियों के साथ बैराज परिसर का व्यापक निरीक्षण करते हुए कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य एवं शांति से परिपूर्ण है, जिसकी वजह से यहां इको-टूरिज्म, वाटर एक्टिविटीज, पिकनिक स्पॉट विकास, ट्रैकिंग ट्रेल्स, व्यू प्वाइंट तथा स्थानीय उत्पादों के विपणन जैसे कई संभावित क्षेत्रों को विकसित किया जा सकता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यटन विकास से जुड़े बुनियादी ढांचे का सर्वे तैयार किया जाए।

जिलाधिकारी ने संबंधितों को निर्देश दिए कि मुख्यमार्ग से बैराज तक आकर्षक रंग वाले फूलों के पेड़ लगाए जाएं, जिससे पर्यटकों को आकर्षक लगे। पूरे मार्ग पर हेरिटेज पोल और द्वार बनाए जाएं। समूचे मार्ग पर सोलर लाइट लगाने के निर्देश संबंधित को दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस पूरे बैराज क्षेत्र की भूमि का सीमांकन भी किया जाए जिससे पर्यटन गतिविधियों को लेकर विस्तृत प्लान तैयार किया जा सके।

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैराज को डिसिल्ट करने के लिए जल्द से जल्द कार्य आरम्भ कर दिए जाएं। उन्होंने पूरे क्षेत्र की फेंसिंग करने और बाहरी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के कड़े निर्देश जारी किए।

जिलाधिकारी ने बैराज में बोटिंग, जिपलाइन पर्यटन, कैफे एरिया, पार्क तथा कैंटीन के संचालन के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश संबंधितों को दिए।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने कोसी पुल के निकट बोट हाउस का निरीक्षण किया तथा इस बिल्डिंग के संचालन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कोसी बैराज को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने से न केवल यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि अल्मोड़ा जिले में नए पर्यटन आयाम भी जुड़ेंगे।

इस दौरान उप निदेशक पर्यटन प्रकाश सिंह खत्री, अधिशाषी अभियंता सिंचाई मोहन सिंह रावत समेत अन्य संबंधित उपस्थित रहे।

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