उत्तराखंडहरिद्वार

ममता, त्याग व सहानुभूति की प्रतिमूर्ति होती है नारी: शैफाली पण्ड्या

 

शांतिकुंज में पांच दिवसीय कन्या कौशल प्रशिक्षक प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ

हरिद्वार 1 सितंबर।

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में सोमवार से पाँच दिवसीय कन्या-किशोर कौशल प्रशिक्षक प्रशिक्षण शिविर का विधिवत शुभारंभ हुआ। महिला मंडल की प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या एवं ओडिसा जोन के भाइयों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस प्रशिक्षण शिविर में ओडिशा प्रांत से आए 200 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। शिविर के दौरान कुल 22 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रतिभागियों को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महिला मंडल की प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने कहा कि नारी ममता, त्याग व सहानुभूति की प्रतिमूर्ति है। समाज में उसकी भूमिका केवल एक परिवार तक सीमित नहीं, अपितु पूरे समाज के निर्माण में है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि वे समाज में संस्कारित पीढ़ी के निर्माण हेतु स्वयं को समर्पित करें। उन्होंने कहा कि आज की कन्याओं और किशोरों को स्वयं के प्रति जागरूक होना चाहिए और अपनी प्रतिभा को निखारने की दिशा में सक्रिय प्रयास करने चाहिए। उन्होंने जीवन मूल्यों एवं आत्म-रक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

शिविर समन्वयक के अनुसार आगामी सत्रों में प्रतिभागियों को सनातन संस्कृति, व्यक्तित्व विकास, जीवन शैली, मानसिक स्वास्थ्य तथा आत्म-सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक व सैद्धांतिक मार्गदर्शन दिया जाएगा। यह शिविर कन्या-किशोरों को जीवन के विविध पक्षों में दक्ष बनाकर उन्हें आदर्श प्रशिक्षक के रूप में तैयार करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। इस अवसर पर शांतिकुंज महिला मण्डल की बहिनों सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button