
हरिद्वार,अलकनंदा घाट के समीप तीन दिवसीय चिंतन शिविर का हुआ समापन। भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन ने किसानों और निर्माण श्रमिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित 26 सूत्रीय मांग पत्र सौंपने की घोषणा की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेताजी कुमार ने जारी प्रेस नोट में कहा कि देश की आजादी के 79 वर्ष बाद भी किसान और मजदूर आर्थिक संकट, कर्ज तथा मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन देशभर के किसानों, खेत मजदूरों, निर्माण श्रमिकों तथा अन्य मेहनतकश वर्गों की आवाज को राष्ट्रपति तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। उनका कहना है कि यह मांग पत्र केवल कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि करोड़ों किसानों और मजदूरों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करता है।
यूनियन की प्रमुख मांगों में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किसानों को सी-2 लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देना शामिल है। संगठन ने मांग की है कि एमएसपी से कम कीमत पर फसल खरीदने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा किसानों को अपनी उपज की उचित कीमत सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा संगठन ने किसानों के संपूर्ण कर्ज माफी, किसान क्रेडिट कार्ड पर लिए गए ऋणों का ब्याज मुक्त पुनर्गठन तथा छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक राहत देने की मांग भी उठाई है। यूनियन ने आत्महत्या कर चुके किसानों के परिवारों को 20 लाख रुपये मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो देशभर में किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
रामसिंह राठौर,सबरालाल,अजीत राठौर,अमित यादव,दिनेश सिंह,गोले चौहानअभिषेक यादव आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।



