उत्तराखंडहरिद्वार

जो घर का त्याग करेगा वही सन्यासी बनेगा – श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज 

 

हरिद्वार, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने खंडन किया कि पूर्व भाजपा नेता नरेश शर्मा उनसे केवल आशीर्वाद लेने आए थे और कुछ लोगों ने यह सोच लिया कि वो निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर बनेंगे। उन्होंने खंडन करते हुए कहा कि नरेश शर्मा कोई महामंडलेश्वर नहीं बनेंगे। अखाड़ों में महामंडलेश्वर ऐसे ही नहीं बनाया जाता है। महामंडलेश्वर का एक प्रोटोकॉल होता है। महामंडलेश्वर बनने से पूर्व संन्यास की दीक्षा दी जाती है, उसके उपरांत ही संन्यासी बनते हैं और फिर महामंडलेश्वर बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि संत भी पहले गृहस्थ जीवन से ही आते हैं। कोई जन्म से संत नहीं बनता। नियमों के अनुसार एक संत को घर, समाज और सांसारिक मोह का त्याग करना पड़ता है। यही अखाड़ों की परंपरा है। बिना गृहस्थ जीवन का त्याग करें कोई सन्यासी नहीं बन सकता। गौर हो कि पूर्व भाजपा नेता नरेश शर्मा ने दो दिन पूर्व अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज से मुलाकात की थी, उनकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो, भ्रम फैल गया कि वो निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर बनेंगे। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने इसका खंडन किया और कहा कि नरेश शर्मा के साथ महामंडलेश्वर बनाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।

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