
राजीव कुमार
हरिद्वार। रामानंद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड मैनेजमेंट में ‘आयुर्वेद और आधुनिक जीवनशैली’ विषय पर एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शहर की प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. मनीषा दीक्षित ने शिरकत की।

अपने संबोधन में डॉ. दीक्षित ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ते मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और असंतुलित खान-पान पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्रों को आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने ‘दिनचर्या’, ‘ऋतुचर्या’ और ‘रात्रिचर्या’ के महत्व को समझाते हुए बताया कि इन सिद्धांतों का पालन कर व्यक्ति अनेक बीमारियों से बच सकता है। साथ ही उन्होंने रसोई में उपलब्ध सामान्य औषधीय पदार्थों के उपयोग से स्वास्थ्य लाभ के सरल उपाय भी बताए।
संस्थान के चेयरमैन श्रीमंत डॉ. रविंद्र पुरी ने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में आयुर्वेद ही ऐसा माध्यम है, जो हमें प्रकृति के साथ जोड़कर निरोगी जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने डॉ. दीक्षित का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक एकेडमिक डॉ. मयंक गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर मनुज उनियाल, प्रिंसिपल सूरज राजपूत, कुसुम लता सहित समस्त शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



