हरिद्वार। अलकनंदा होटल ग्राउंड में भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ बुधवार को हजारों किसान-मजदूर साथियों की उपस्थिति में हुआ। अधिवेशन के प्रथम दिवस पर किसानों, मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर गंभीर मंथन किया गया तथा सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
राष्ट्रीय महामंत्री अमर सिंह ने किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य न मिलने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मोर्चा आरती राठौर ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों और मजदूरों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
राष्ट्रीय सचिव अभिषेक यादव ने उज्ज्वला योजना, राशन व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीमित सब्सिडी के कारण गरीब परिवारों के लिए गैस सिलेंडर का उपयोग कठिन हो गया है। उन्होंने मांग की कि गरीब परिवारों को वर्षभर पर्याप्त सब्सिडी मिले तथा प्रत्येक गांव में शिक्षकों और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उनके संबोधन पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार बबलू ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने पर बल दिया, जबकि राष्ट्रीय संगठन मंत्री आर.के. लोधी ने संगठन की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अधिवेशन में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय सिंह, प्रदेश सचिव राजनाथ यादव, प्रदेश महासचिव राम सिंह यादव, जिला अध्यक्ष जौनपुर रवि प्रकाश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा संतना पाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला मोर्चा मंत्री देवी, युवा मंडल अध्यक्ष लखनऊ भारत सिंह यादव सहित दिनेश, रामकरण, नंदकिशोर, सुधांशु, जीरा देवी, प्रभु सिंह एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी तथा सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अधिवेशन के पहले दिन का समापन किसान-मजदूर एकता के नारों के साथ हुआ। आगामी दो दिनों में संगठन की भावी रणनीति, विस्तार और किसान-मजदूर हितों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।



