उत्तराखंडहरिद्वार

सनातन संस्कृति के प्रसार और गंगा स्वच्छता के संकल्प के साथ निकलेगी दंडवत यात्रा: करौली शंकर महाराज

दक्षेश्वर महादेव मंदिर से हरकी पैड़ी तक दंडवत करते हुए पहुंचेंगे हजारों श्रद्धालु, कुंभ-2027 की भव्यता और राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए करेंगे प्रार्थना

31 अक्टूबर को हरकी पैड़ी पर चलेगा गंगा सेवा अभियान, 10 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा

हरिद्वार। सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और मां गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के संकल्प के साथ शुक्रवार को धर्मनगरी हरिद्वार में हजारों श्रद्धालु दंडवत यात्रा निकालेंगे। कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर से हरकी पैड़ी तक निकलने वाली इस यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों के साथ नेपाल और अन्य देशों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। यात्रा के माध्यम से कुंभ-2027 को भव्य एवं दिव्य बनाने, राष्ट्र की एकता-अखंडता और समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया जाएगा।

श्री मिश्री मठ के परमाध्यक्ष एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक करौली शंकर महाराज ने बताया कि शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दक्षेश्वर महादेव मंदिर कनखल में रुद्राभिषेक के बाद सुबह आठ बजे दंडवत यात्रा का शुभारंभ होगा। श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन कनखल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधक यात्रा में शामिल होकर दंडवत करते हुए हरकी पैड़ी तक पहुंचेंगे।

करौली शंकर महाराज ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति का प्रसार, धर्म के प्रति जागरूकता और राष्ट्र की एकता-अखंडता को मजबूत करने के साथ मानवता के कल्याण का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि मानव समाज को रोग, शोक, भय, भ्रम और नशे से मुक्त करने तथा मां गंगा को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त रखने का संकल्प भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। कुंभ-2027 दिव्य और भव्य रूप में संपन्न हो, इसके लिए भी प्रार्थना की जाएगी।

उन्होंने बताया कि दंडवत यात्रा के अगले दिन 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजे हरकी पैड़ी पर गंगा सेवा अभियान चलाया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इस अभियान में करीब 10 हजार श्रद्धालुओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।

संस्था के प्रबंधक डॉ. उमेश सचान ने बताया कि देशभर से श्रद्धालुओं का हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गया है। कनखल स्थित नया अखाड़ा उदासीन और अन्य आश्रमों में श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए संस्था के करीब एक हजार स्वयंसेवक सहयोग करेंगे।

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