उत्तराखंडहरिद्वार

12 दिन सूखी रही हरकी पैड़ी, गंगाजल लौटा तो खिले चेहरे, सिंचाई विभाग को तीर्थ पुरोहितों की दोटूक

 

तीर्थ पुरोहित अंशुल श्रीकुंज ने दी चेतावनी- धर्म से टकराना छोड़ो, नहीं तो 2005, 2010 और 2016 का इतिहास याद दिलाएंगे

हरिद्वार। आस्था की नगरी हरिद्वार की पहचान हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड 12 दिन तक गंगाजल के बिना सूखा रहा। गंगा की धारा थमी तो श्रद्धालुओं की आस्था आहत हुई और तीर्थ पुरोहितों का आक्रोश भी बढ़ता गया। शनिवार को तीर्थ पुरोहित अंशुल श्रीकुंज के नेतृत्व में पुरोहित हरकी पैड़ी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। गंगाजल की वापसी से श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे, लेकिन तीर्थ पुरोहितों ने यूपी सिंचाई विभाग को साफ चेतावनी दे दी कि मां गंगा के मामले में मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी।

अंशुल श्रीकुंज ने कहा कि हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड का 12 दिन तक जलविहीन रहना बेहद पीड़ादायक है। यह केवल जल का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और हरिद्वार के तीर्थ पुरोहितों की आजीविका व परंपरा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि तीर्थ पुरोहितों और उनके यजमानों के रिश्ते की सबसे मजबूत कड़ी मां गंगा हैं। ऐसे में ब्रह्मकुंड में गंगाजल का अभाव सभी को व्यथित करने वाला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी सिंचाई विभाग ने हरकी पैड़ी के रखरखाव के नाम पर गंगा को जलविहीन कर दिया। अंशुल ने दावा किया कि व्यवस्था के अनुसार यहां हर समय चार फीट गंगाजल अथवा एक हजार क्यूसेक पानी रहना चाहिए। उन्होंने विभाग पर समझौतों और नैनीताल हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।

‘हठधर्मिता छोड़ो, वरना होगा आंदोलन’

अंशुल श्रीकुंज ने कहा कि विभाग से स्नान योग्य जल छोड़ने का आह्वान किया गया था। यदि भविष्य में भी ऐसी स्थिति बनी तो तीर्थ पुरोहित विभाग के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लेंगे। जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट की अवमानना का मामला भी उठाया जाएगा।

उन्होंने दोटूक कहा, “यूपी सिंचाई विभाग हठधर्मिता छोड़े, धर्म से टकराना बंद करे। मां गंगा से कोई नहीं टकरा पाया, तुम कौन हो?” उन्होंने चेताया कि विभाग नहीं माना तो उसे 2005, 2010 और 2016 का इतिहास याद दिलाया जाएगा।अंशुल श्री कुंज, संजीव शास्त्री, सचिन कौशिक, भोमेश श्री कुंज, सुधीश क्षोत्रिय, उमाशंकर वशिष्ठ, उमाशंकर मोलातिया, नितिन कौशिक, तरित श्री कुंज आदि उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button