उत्तराखंडहरिद्वार

कन्या पूजन कर मां भगवती से की सुख-समृद्धि की कामना

 

माता लाल वैष्णो देवी गुफा वाले मंदिर में शारदीय नवरात्र पर विशेष अनुष्ठान, भक्ति और श्रद्धा के साथ हुआ कन्या पूजन

नवरात्र आत्मशुद्धि और शक्ति आराधना का पर्व : भक्त दुर्गादास

कन्याओं का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की पहचान : स्वामी ज्ञानानंद महाराज

हरिद्वार। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर उत्तरी हरिद्वार के सप्तसरोवर स्थित पूज्य माता लाल वैष्णो देवी गुफा वाले मंदिर में मां भगवती की आराधना के लिए विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच कन्या पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की और मां भगवती से परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ मां के चरणों में शीश नवाया।

मां भगवती का अनुष्ठान पंडित हेमंत थपलियाल ने किया।

नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सनातन परंपरा में कन्याओं को देवी शक्ति का प्रतीक मानकर उनका सम्मान और पूजन किया जाता है। मंदिर में आयोजित कन्या पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर कन्याओं को भोजन कराया और उपहार एवं दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्तों ने मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।

मंदिर के संचालक भक्त दुर्गादास ने कहा कि शारदीय नवरात्र मां भगवती की आराधना, आस्था और आध्यात्मिक साधना का विशेष पर्व है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर जीवन में सकारात्मकता और शक्ति का संचार करने की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन सनातन संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है। कन्याओं में देवी स्वरूप के दर्शन कर उनका सम्मान करना हमारी धार्मिक आस्था और संस्कारों का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से समाज में सद्भाव, सेवा, संस्कार और परस्पर सम्मान की भावना को भी मजबूत किया जाता है। मां भगवती की कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख-शांति बनी रहे और समाज में धर्म एवं सदाचार की भावना प्रबल हो, यही नवरात्र की सच्ची कामना है।

स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि नवरात्र का पर्व शक्ति की उपासना के साथ-साथ आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देता है। मां भगवती की आराधना से श्रद्धालुओं को धैर्य, साहस और सकारात्मक सोच की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन भारतीय संस्कृति की प्राचीन और पवित्र परंपरा है। कन्याओं का सम्मान करना, उनकी गरिमा को समझना और उनके प्रति श्रद्धा का भाव रखना हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि नवरात्र के दौरान मां भगवती की आराधना के साथ अपने जीवन में अच्छे विचारों, सेवा, करुणा और सदाचार को भी अपनाएं। धार्मिक पर्व तभी सार्थक होते हैं, जब उनकी शिक्षाओं को व्यवहार में उतारा जाए और समाज में सम्मान एवं सद्भाव का वातावरण बनाया जाए।

मंदिर में आयोजित विशेष अनुष्ठान और कन्या पूजन में शिव कुमार, अंजू उर्फ राजरानी, विशाल असरानी, पंडित हेमंत थपलियाल और राकेश सकलानी सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मां भगवती से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button