
हरिद्वार, 14 जून। लालजीवाला मैदान में भारतीय किसान यूनियन (भानू) के तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के समापन अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. भानू प्रताप सिंह के नेतृत्व में किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि किसान आयोग के गठन की प्रमुख मांग उठाते हुए कहा गया कि आयोग का अध्यक्ष एवं सभी सदस्य किसान वर्ग से हों तथा उसमें किसी भी राजनेता को शामिल न किया जाए। इसके अलावा किसानों के पुराने कर्ज पूरी तरह माफ करने, किसानों को बिजली बिल में पूर्ण छूट देने तथा देश में निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी रखी गई। संगठन ने किसानों की आत्महत्या की स्थिति में उनके परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने के साथ ही शहीद पुलिसकर्मियों, मीडिया कर्मियों तथा सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के लिए विशेष आर्थिक सहायता की व्यवस्था किए जाने की मांग भी की।
इस अवसर पर डॉ. भानू प्रताप सिंह ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।
राष्ट्रीय महासचिव नितिन चौधरी ने कहा कि यदि किसानों के यहां जबरन स्मार्ट मीटर लगाए गए तो केंद्र सरकार को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का भी संकल्प दोहराया।
इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव नितिन चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष परविंदर चौधरी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अंकित चौधरी, जिला प्रभारी जनक सिंह, तहसील अध्यक्ष रहतु सिंह, जिला अध्यक्ष युवा अमन चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष युवा गौरव राजपूत, सुधांशु, सोहनवीर, अर्जुन, नाथूराम, आजम, इकबाल खान, सलमान, जितेंद्र, यशपाल, मदन, राजेश, विकास, अर्जुन सैनी, अचिन सहित बड़ी संख्या में किसान पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।



