उत्तराखंडहरिद्वार

भगवान शिव संपूर्ण सृष्टि के कल्याण के प्रतीक हैं – जगद्गुरु शंकराचार्य

 

विश्व के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए दिग्गज साधु संत।

हरिद्वार। हरिद्वार में बहदराबाद टोल प्लाजा के पास श्री साई शिव गंगा पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कई साधु संत उपस्थित रहे। दावा किया गया कि यह विश्व का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग है, जिसका वजन 5210 किलोग्राम है। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान संत समागम का आयोजन भी किया गया। शिव आराधना के बीच देशभर से आए संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने और जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने संत समागम की अध्यक्षता की और उनके साथ सभी साधु संतों ने विश्व कल्याण की कामना की।

इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वश्रम महाराज ने कहा कि भगवान शिव संपूर्ण सृष्टि के कल्याण के प्रतीक हैं। पारदेश्वर महादेव की स्थापना मानवता के आध्यात्मिक उत्थान, विश्व शांति और सनातन धर्म के संरक्षण का दिव्य अभियान है। भारत की आध्यात्मिक शक्ति ही विश्व को शांति का मार्ग दिखा सकती है। जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पारद शिवलिंग की उपासना से कलियुग में शीघ्र फल प्राप्त होता है। यह शिवलिंग रोग, शोक और दरिद्रता का नाश करने वाला है। आज भारत पुनः अपने आध्यात्मिक वैभव की ओर लौट रहा है।

निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पारे को बांधकर शिवलिंग का रूप देना ऋषियों की रस विद्या का चमत्कार है। गुरु रघुनाथ यमूल की प्रेरणा से राजीव बंसल ने सनातन धर्म को अद्भुत उपहार दिया है। साध्वी ऋतम्भरा दीदी ने नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण पर ओजस्वी उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि शिव ही सत्य हैं, शिव ही सुंदर हैं। पारदेश्वर महादेव की स्थापना से हरिद्वार की महिमा और बढ़ेगी। महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव का अलौकिक आशीवार्द है। श्रीमहंत भगतराम महाराज,निर्मल अखाड़े के स्वामी ज्ञानदेव महाराज,महंत विष्णु दास ने भी उदबोधन दिया।

विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक संस्कृति है। युवाओं को अपने धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है तथा ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक जागरण का कार्य करते हैं।

श्री साईं शिव गंगा धाम के मैनेजिंग ट्रस्टी राजीव बसल ने पारदेश्वर महादेव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शास्त्रों में पारद शिवलिंग को अत्यंत चमत्कारिक एवं कल्याणकारी माना गया है। विश्व के सबसे बड़े पारदेश्वर महादेव की स्थापना मानव कल्याण, विश्व शांति और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से की गई है। आने वाले समय में श्री साईं शिव गंगा धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनेगा। कार्यक्रम का संचालन महामंडलेश्वर स्वामी।हरिचेतनानंद गिरी ने किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, उद्योगपति राजेन्द्र अग्रवाल, गौरव गाडिलकर, विहिप विहिप के केंद्रीय सह मंत्री हरिशंकर, रुड़की मेयर अनिता अग्रवाल सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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