उत्तराखंडहरिद्वार

गुरु पूर्णिमा पर श्री तुलसी मानस मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, गुरु चरण पूजन कर लिया आशीर्वाद

“गुरु ही अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं” : स्वामी कामेश्वर पुरी महाराज

हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार के सप्तसरोवर मार्ग स्थित श्री तुलसी मानस मंदिर में बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने अपने गुरु के चरणों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा विधि-विधान से आरती कर सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का वातावरण बना रहा।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महिलाओं ने गुरु महिमा से ओत-प्रोत भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरे परिसर में “जय गुरुदेव” के जयघोष गूंजते रहे। मंदिर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और बढ़ गई।

इस अवसर पर श्री तुलसी मानस मंदिर के परमाध्यक्ष स्वामी कामेश्वर पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा का महत्व बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा माना गया है। गुरु ही मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करते हैं। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति अपने जीवन को सफल, सार्थक और संस्कारित बना सकता है।

स्वामी कामेश्वर पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों की स्थापना और आध्यात्मिक चेतना के जागरण के लिए गुरु का मार्गदर्शन पहले से अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में गुरु के उपदेशों को आत्मसात करने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में सामूहिक आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर पहुंचकर गुरु का आशीर्वाद लिया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं राष्ट्र के कल्याण की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की आवाजाही और भक्ति गीतों से गुलजार रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button